जो भक्त माता काली की सच्चे मन से पूर्ण श्रद्धा के साथ सेवा करता है उसकी मनोकामनाएं माताकाली अवश्य पूर्ण करती है|
माता काली की 18 फीट की प्रतिमा है, साथ ही 11 फीट श्री कृष्णा भगवान (एक ही शिला में निर्मित) अपने मंदिर में विराजमान है| श्री कृष्णा भगवन की यह विशाल प्रतिमा राजस्थान की कलाकृति की अनोखी पहचान है| साथ में देवी गंगा, माँ यमुना देवी, नर्मदा देवी, भगवान शंकर, भद्रकाली माता, मनसा देवी, विन्ध्यावासनी, खेरमाई माता, बंजारी माता, शारदा माता, शीतला माता, शनि महाराज, दुर्गा माँ अपनी शक्तियों के साथ स्थापित है|
माताकाली परिवार एवं समस्त भक्तगण, अनादि शक्ति माता काली मंदिर “चण्डीधाम”
संसार के सभी प्राणी माताकाली के जन्य है, माता ने कभी बलि स्वीकार नहीं की है, कृपया माताकाली को मीठे का भोग लगायें|
सात्विक हिंदु पद्धति से पूजन, भोग- फल, मिष्ठान, खीर-पूरी, कन्या पूजा (कन्या भोज (भोजन))