शोभापुर पुल के पास आधारताल जबलपुर
माता काली अर्थात महाकाली जो काल से भी परे है | माता महाकाली अपने भक्तों पर सदा अमृत बरसाती और दुष्टों पर काल बनकर उनका संहार करती है माता महाकाली की कृपा जिस पर हो जाए वह इस मायावी भवसंसार से तर जाता है | ऐसे ही महाकाली ने कृपा की “श्री हरिगिरी महाराज” जिन्हें “हरी बाबा” के नाम से जाना जाता है | श्री हरिबाबा पर माता महाकाली की ऐसी कृपा हुई की आपने अपना समस्त जीवन माता की सेवा के लिए चुना |
माता महाकाली जैसा चाहती है वैसा निश्चित रूप से होता है | ऐसे ही माता वहां वास करती हैं जहाँ वह चाहती है | ऐसी कृपा माता ने अपने अनेक भक्तों पर की है | ऐसी ही कृपा “श्री हरिबाबा” पर की उन्हें मंदिर निर्मर की स्मृति मिली, माता का बार-बार स्मरण ऐसे ही नहीं था ये लोक कल्याण के लिए आवश्यक भी है |
माता रानी ने अपने स्थान को ऐसी जगह चुना जहाँ से महाकाली अपनी कृपा हर एक भक्त तक पहुंचती है | श्री शक्तिपीठ महाकाली मंदिर धार्मिकता, दार्शनिकता के साथ भौगोलिक दृष्टि से भी अदभुत है | माता का यह मंदिर समुद्र तल से लगभग २०० फीट ऊँचाई पर शोभापुर ब्रिज, आधारताल के निकट स्थित है | इसकी चढ़ाई जरा दुर्गम है | माता का दरवार पहाड़ी पर स्थित होने से मंदिर की सीढ़ी की चढ़ाई खड़ी है |