विशेष : मंदिर में चैत्र नवरात्रि और अश्विन नवरात्रि की पंचमी को भंडारा और विविध आयोजन किये जाते है |
मान्यता : माता महाकाली का यह दक्षिणमुखी रूप है जो दक्षिणेश्वरी महाकाली का रूप है |
माता यहाँ अपने सौम्य रूप में सिर्फ दर्शन मात्र से भक्तो की चिंता समाप्त हो जाती है |
संस्थापक : श्री हरिगीरी महाराज “श्री हरिबाबा” पुजारी संस्थापक, संरक्षक |
समिति : श्री शक्तिपीठ महाकाली मंदिर, शोभापुर पुल, आधारताल, जबलपुर |
बलिप्रथा : पुर्णतः प्रिबंधित क्यूंकि माता महाकाली सबकी माँ है और वह कभी किसी की भी निर्दोष जीव की बलि नहीं लेती है |
भोग : मीठा, खीर, पुडी, फल, श्रीफल |